School Holiday Latest Update : कड़ाके की ठंड और लगातार बिगड़ते मौसम के बीच छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बार फिर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी ताजा संकेतों के बाद अब आठवीं कक्षा तक के स्कूलों की छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया गया है। जैसे ही यह खबर सामने आई, स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे और अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली।
बीते कई दिनों से ठंड, घना कोहरा और शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है। सुबह के समय विजिबिलिटी कम होने और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को देखते हुए प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा था। इसी बीच अब स्कूल छुट्टियों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है, जिससे साफ हो गया है कि फिलहाल बच्चों को स्कूल जाने से राहत मिलेगी।
आठवीं तक के स्कूलों में क्यों बढ़ाई गई छुट्टियां
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। सुबह और देर शाम ठंडी हवाओं के कारण छोटे बच्चों के बीमार होने की शिकायतें भी बढ़ी हैं। इन्हीं हालातों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने आठवीं कक्षा तक के छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए छुट्टियां बढ़ाने का निर्णय लिया है।

कब से कब तक बंद रहेंगे स्कूल
ताजा जानकारी के अनुसार आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल अब तय तारीख तक बंद रहेंगे। हालांकि अलग-अलग राज्यों और जिलों में छुट्टियों की अवधि में थोड़ा अंतर हो सकता है। कई जगहों पर स्कूल 2 से 5 दिन और बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कुछ जिलों में स्थिति की समीक्षा के बाद आगे फैसला लिया जाएगा।
क्या ऑनलाइन क्लास चलेगी या पूरी छुट्टी रहेगी
कुछ राज्यों में छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प खुला रखा गया है, जबकि कई जिलों में पूरी तरह से अवकाश घोषित किया गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि जहां मौसम ज्यादा खराब है वहां बच्चों पर पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव नहीं डाला जाएगा। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने जिले के स्कूल नोटिस पर नजर बनाए रखें।
आगे क्या बढ़ सकती हैं छुट्टियां
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में अगर हालात नहीं सुधरते हैं तो स्कूलों की छुट्टियां और बढ़ाई जा सकती हैं। प्रशासन लगातार मौसम और स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा कर रहा है और जरूरत पड़ने पर नया आदेश जारी किया जा सकता है।
फिलहाल आठवीं तक के छात्रों के लिए यह फैसला राहत भरा है। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह कदम जरूरी माना जा रहा है। अभिभावकों और छात्रों को सलाह है कि वे अपने जिले के शिक्षा विभाग या स्कूल की ओर से जारी होने वाले ताजा नोटिस पर नजर बनाए रखें, ताकि किसी भी बदलाव की सही जानकारी समय पर मिल सके।